भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में कर्मचारियों, सिंचाई परियोजनाओं, मेट्रो और स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के गान के साथ हुई और सरकारी ढांचे में “स्थायी–अस्थायी” कैटेगरी की पुरानी व्यवस्था खत्म करने पर सहमति बनी।
कर्मचारियों की 7 कैटेगरी खत्म, अब 3 वर्ग
राज्य सरकार ने अस्थायी पदों को स्थायी ढांचे में समायोजित करते हुए कर्मचारियों की सात श्रेणियां समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब सरकारी सेवा में सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी
- नियमित कर्मचारी
- संविदा कर्मचारी
- आउटसोर्स कर्मचारी
दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायी कर्मी सहित अन्य अस्थायी वर्गों को समाप्त किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि स्थायी-अस्थायी कैटेगरी होने के बावजूद कई मामलों में सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान थे, इसलिए संरचना को सरल बनाया जा रहा है।
डूब प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1,782 करोड़ का विशेष पैकेज
- कैबिनेट ने विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित डूब क्षेत्रों के लिए 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया। यह राशि DPR में प्रावधानित 1,656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त स्वीकृत की गई है।
- अपर नर्मदा, राघवपुर बहुउद्देशीय और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर कुल 5,512 करोड़ 11 लाख की लागत से काम होगा।
- इससे करीब 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और लगभग 125 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
- इन तीन परियोजनाओं से 13,873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा विशेष पैकेज के तहत दिया जाएगा।
- अलग से 50 हजार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों को अतिरिक्त मुआवजा राशि दी जाएगी।
भोपाल–इंदौर मेट्रो संचालन के लिए 90.67 करोड़
भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिली। यह राशि संचालन के दौरान होने वाले खर्चों की पूर्ति के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर स्वीकृत की गई है।
इंदौर के MY अस्पताल का नया भवन 773 करोड़ से
बैठक से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रियों को जानकारी दी कि इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल का नवनिर्माण 773 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। नया अस्पताल परिसर 1,450 बिस्तरों का होगा। इसके साथ नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम और अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण भी प्रस्तावित है।
अन्य प्रमुख निर्णय एक नज़र में
- वित्त वर्ष 2025–26 से 2029–30 तक राज्य में 6 वन विज्ञान केंद्रों के लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति। इन केंद्रों का उद्देश्य वन क्षेत्र के बाहर वानिकी विस्तार, कृषि वानिकी को बढ़ावा, काष्ठ से अतिरिक्त आय और वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देना होगा।
- जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड SDO वी.के. रावत से देय पेंशन राशि की वसूली संबंधी प्रस्ताव मंजूर।
- वित्त वर्ष 2025–26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत के कार्यों को स्वीकृति की अनुमति। स्वीकृति के अनुसार 693 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से लगभग 3,810 कार्य किए जा सकेंगे।
- खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिज सर्वेक्षण से जुड़ी योजनाओं को वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक बढ़ाने पर चर्चा को मंजूरी दी गई।